पाकिस्तान में बढ़ते टैक्स और बढ़ती नौकरशाही के कारण आर्थिक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। एक नई रिपोर्ट बताती है कि सरकार पारदर्शी तरीके से काम करने वालों को दंडित कर रही है, जबकि अनौपचारिक क्षेत्र के लोग टैक्स से बचे हुए हैं। 35% टैक्स देने के बावजूद आम नागरिक को सरकारी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इस दमनकारी नीति के चलते 2025 तक 8 लाख कुशल उद्योगपतियों के पलायन की संभावना है। आईएमएफ की शर्तों के कारण सरकार पंजीकृत अर्थव्यवस्था से हर संभव पैसा वसूलने की कोशिश कर रही है, जिससे विकास की नींव कमजोर हो रही है।