Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Indian Samachar
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Indian Samachar
    World

    तौहीदी जनता: बांग्लादेश में इस्लामी पॉपुलिज्म का खतरा बढ़ा

    By January 17, 2026No Comments1 Min Read

    ऑस्ट्रेलियाई विश्लेषण में बांग्लादेश के बदलते परिदृश्य पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शेख हसीना के शासनकाल के बाद ‘तौहीदी जनता’ का पुनरागमन नैतिक पुलिसिंग की नई शक्ल ले रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह कोर्सिव पॉपुलिज्म का रूप है जो संस्थाओं की कमजोरी का फायदा उठा रहा है।

    हसीना सरकार ने इस्लामी समूहों पर कड़ा नियंत्रण रखा—चुनाव, सुरक्षा बलों और राज्य प्रायोजित राष्ट्रवाद से। राजनीतिक इस्लाम को बांधा गया, लेकिन यह पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। सत्ता परिवर्तन के बाद यह खुले में आ गया।

    तौहीदी जनता बिना औपचारिक संरचना के सक्रिय है। इसके समर्थक सार्वजनिक स्थानों पर हस्तक्षेप करते हैं, व्यवहार सुधारने का दावा करते हुए सांस्कृतिक गतिविधियों में बाधा डालते हैं। महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों पर विशेष निशाना। इसकी अस्पष्ट प्रकृति इसे मजबूत बनाती है—भीड़ और नैतिक दबाव से प्रभाव डालना।

    हिंसा की घटनाएं भी बढ़ी हैं, जो खतरे का संकेत हैं। यह आंदोलन धार्मिक कर्तव्य का हवाला देकर ‘अइस्लामी’ प्रथाओं पर हमला करता है। बांग्लादेशी समाज के लिए यह चुनौतीपूर्ण है।

    अभी समय है कि कानून मजबूत हो, राजनीतिक वैधता बहाल हो। वरना यह आंदोलन स्थायी रूप धारण कर सकता है, जो बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष छवि को धूमिल कर देगा।

    Bangladesh Islamism Coercive Populism Islamic Mobilization Moral Policing Post-Hasina Bangladesh Religious Politics Sheikh Hasina Tawhidi Janata

    Related Posts

    इमरान को ‘तालिबान खान’ कहा पाक मंत्री ने, पीटीआई का पलटवार- ये जोकर हैं सरकार के

    February 7, 2026

    पीएम मोदी के लिए मलेशिया में 800 नर्तकों ने बनाया नया रिकॉर्ड

    February 7, 2026

    मलेशिया दौरा: मोदी बोले- भारत का भरोसा अब सबसे शक्तिशाली मुद्रा

    February 7, 2026

    Comments are closed.

    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.