केएल साहगल केवल एक गायक नहीं थे, बल्कि भारतीय पार्श्व गायन के पितामह थे। जालंधर में जन्मे साहगल ने कई छोटी नौकरियां कीं, लेकिन उनकी मंजिल संगीत ही थी। न्यू थिएटर्स के साथ उनके काम ने उन्हें अमर बना दिया। लता मंगेशकर ने अपने करियर की शुरुआत में उनकी गायन शैली का अनुसरण किया और किशोर कुमार ने उन्हें अपना प्रेरणा स्रोत बताया। 1947 में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी जादुई आवाज आज भी गूंजती है।