भारत ने दिसंबर में निर्यात के मोर्चे पर शानदार सफलता हासिल की, जब यह 38.51 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वैश्विक मंदी के संकेतों के बावजूद यह वृद्धि देश की व्यापारिक क्षमता को प्रमाणित करती है। सरकारी आंकड़ों में पिछले वर्ष से 2.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अप्रैल-दिसंबर का संचयी निर्यात 317.4 अरब डॉलर हो गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 12 प्रतिशत की छलांग लगी, जबकि दवाओं का आंकड़ा 2 अरब डॉलर को पार कर गया। आरओडीटीपी योजना और उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन ने वैश्विक बाधाओं पर विजय दिलाने में मदद की। यह वृद्धि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।