अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने साफ कहा- भारत से बढ़कर कोई साझेदार नहीं। रूस तेल विवाद व टैरिफ खतरे के बीच यह बयान भारत-अमेरिका रिश्तों में नई उम्मीद जगाता है। नई दिल्ली से मिले अपडेट में ट्रेड टॉक्स पर भी बात।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उतार-चढ़ाव के बावजूद गोर ने सकारात्मक रुख अपनाया। 500 प्रतिशत टैरिफ की अमेरिकी मांग ने भारत को निशाना बनाया, राष्ट्रपति के बयानों ने भावनाएं आहत कीं। 2025 से ट्रेड डील अटकी हुई है।
गोर ने पुष्टि की, 13 जनवरी को अगली बैठक होगी। दोनों पक्ष सक्रिय हैं। भारत की विशालता चुनौती है, लेकिन ट्रेड के साथ सुरक्षा, काउंटर टेरर, एनर्जी, टेक, शिक्षा, हेल्थ में साझेदारी मजबूत रहेगी।
उन्होंने कहा, राजदूत के रूप में मेरा लक्ष्य बड़ा एजेंडा निपटाना है- सच्चे साझेदार बनकर, जहां ताकत व सम्मान हो। मोदी-ट्रंप दोस्ती को सच्चा बताया, जो मतभेद सुलझा लेती है।
पैक्सिलिका पहल का ऐलान किया- अमेरिकी लीडरशिप वाली यह स्कीम मिनरल्स, एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, चिप्स, एआई, लॉजिस्टिक्स की सुरक्षित चेन बनेगी। जापान समेत चार देश शामिल, भारत अगले माह ज्वाइन करेगा।
यह कदम दोनों राष्ट्रों को इनोवेशन व सुरक्षा में आगे ले जाएगा, रिश्तों को और गहरा करेगा।