‘तस्करी’ फिल्म में अपने जटिल रोल को लेकर नंदीश संधू ने बताया कि उन्होंने शब्दों से ज्यादा आंखों और चुप्पी का सहारा लिया है। उनका मानना है कि एक एंटी-हीरो के लिए खामोशी उसकी गहराई को और भी बेहतर तरीके से दर्शाती है। नंदीश के अनुसार, डायलॉग से ज्यादा उनकी खामोशियां फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाती हैं, जिससे किरदार में एक रहस्य बना रहता है।