ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने लेबनान की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए संकेत दिया है कि हिजबुल्लाह के पास लेबनान में शक्ति संतुलन बदलने की क्षमता है. लारिजानी ने एक साक्षात्कार में कहा कि अगर हिजबुल्लाह अभी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, तो इसका कारण लेबनान और इज़राइल के बीच युद्धविराम को बिगाड़ना नहीं है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर हिजबुल्लाह ऐसा करने में सक्षम है. यह बयान लारिजानी की 27 सितंबर को बेरुत यात्रा के बाद आया, जहां उन्होंने हिजबुल्लाह के दिवंगत नेताओं की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया. लारिजानी ने यह भी कहा कि हिजबुल्लाह को हथियारों के लिए किसी और पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है और अमेरिका को लेबनानी लोगों पर निगरानी रखने का कोई अधिकार नहीं है. लेबनान वर्तमान में आंतरिक राजनीतिक समस्याओं से जूझ रहा है, जिसमें हिजबुल्लाह ने सरकार के फैसले के खिलाफ जाकर अपने नेताओं की तस्वीरें प्रदर्शित करते हुए एक आयोजन किया. लेबनानी कैबिनेट ने अगस्त में एक योजना पारित की थी जिसके अनुसार देश में सभी हथियार राज्य के नियंत्रण में होने चाहिए. नवंबर 2024 में हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच हुए युद्धविराम समझौते में भी यही शर्त शामिल थी.