ईरान की संसद ने एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया है जिसका उद्देश्य अमेरिका और इजराइल के लिए जासूसी करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाना है। इस कानून के तहत, जासूसी के दोषी पाए जाने पर मौत की सजा का प्रावधान किया गया है। यह फैसला इजराइल के साथ हाल ही में हुए संघर्ष के बाद लिया गया है, जिसमें अमेरिका इजराइल का सहयोगी था। नए कानून में जासूसी को ‘धरती पर भ्रष्टाचार’ के समान माना जाएगा। इसके अलावा, स्टारलिंक जैसे बिना लाइसेंस वाले इंटरनेट उपकरणों के उपयोग, खरीद या परिवहन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिसके उल्लंघन पर जेल की सजा हो सकती है। राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले विदेशी चैनलों से सामग्री साझा करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।